चारधाम यात्रियों का 10 करोड़ का बीमा, पर्यटन मंत्री सतपाल ने सीएम धामी को सौंपे चेक

Published: 16 May 2026, 11:53 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

देहरादून। चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मानव उत्थान सेवा समिति ने इस वर्ष भी 10 करोड़ रुपये का सामूहिक दुर्घटना बीमा कराया है। खासकर केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले धामों में स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने के बीच यह पहल यात्रियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
 उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। हिमालय की गोद में बसे बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के कारण चुनौतीपूर्ण यात्रा भी माने जाते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपदा की स्थिति में राहत के उद्देश्य से मानव उत्थान सेवा समिति ने इस वर्ष भी चारधाम यात्रियों के लिए 10 करोड़ रुपये का सामूहिक दुर्घटना बीमा कराया है। इसके लिए 3 लाख 67 हजार 995 रुपये की प्रीमियम राशि का चेक पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा। सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की पहचान और धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र है। यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मानव उत्थान सेवा समिति लगातार कई वर्षों से बीमा सुविधा उपलब्ध कराती रही है। इस बार भी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के माध्यम से श्री बदरीनाथ-श्री केदारनाथ मंदिर समिति के जरिए 10 करोड़ रुपये का बीमा कराया गया है। चारों धामों के लिए 2.50-2.50 करोड़ रुपये का कवर निर्धारित किया गया है।
 बीमा योजना के अनुसार मंदिर परिसरों में भगदड़, प्राकृतिक आपदा, ईश्वरीय जोखिम और आतंकवाद जैसी घटनाओं से प्रभावित प्रत्येक श्रद्धालु को एक लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी। यह व्यवस्था यात्रा के दौरान किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से की गई है। पिछले वर्षों में भी यह योजना लागू रही है और इसे यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम पहल माना गया है।
हर साल यात्रा के दौरान होती ही सैकड़ों मौतरू दरअसल, चारधाम यात्रा विशेषकर केदारनाथ धाम की यात्रा शारीरिक दृष्टि से कठिन मानी जाती है। समुद्र तल से करीब 11,755 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ तक पहुंचने के लिए लंबा पैदल मार्ग, कम ऑक्सीजन, अचानक बदलता मौसम और ठंडे वातावरण का सामना करना पड़ता है। हर साल यात्रा सीजन में कई श्रद्धालु स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करते हैं। इनमें सांस लेने में दिक्कत, उच्च रक्तचाप, हार्ट अटैक, ऑक्सीजन की कमी और थकावट प्रमुख हैं। कई मामलों में बुजुर्ग यात्रियों और पहले से बीमार लोगों के लिए स्थिति गंभीर भी हो जाती है।

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